गौतम बुद्ध सम्पूर्ण जीवनी | Gautama Buddha Biography in Hindi

By | August 19, 2019

Gautama Buddha Biography in Hindi – गौतम बुद्ध को कौन नहीं जानता गौतम बुद्ध जी एक महान उपदेशक और एक महान योगी थे जिन्होंने ध्यान के बल पर मानव के दुखों का निवारण करने के लिए अपना राजपाट एस आराम छोड़कर ज्ञान की प्राप्ति के लिए निकल गए थे.

आज हम उन्हीं गौतम बुद्ध जी की जीवनी लेकर आपके सामने हाजिर है यहां पर गौतम बुद्ध के जीवन से संबंधित सारी जानकारी हम आपको देने वाले हैं इसीलिए इस आर्टिकल को बड़े ही ध्यान से पढ़िए गा.

क्योंकि यह आर्टिकल आपकी जिंदगी को बदल सकता है तो फिर चलिए शुरू करते हैं और जान लेते हैं गौतम बुद्ध जीवनी को.

गौतम बुद्ध जीवनी | Gautama Buddha Biography in Hindi

नाम सिद्धार्थ 
उपनामगौतम बुद्ध
जन्मतिथि563 ई०
जन्मस्थान लुंबिनी, नेपाल
पिताशुद्धोधन 
मातामायादेवी
पत्नीयशोधरा
बेटाराहुल 
मृत्यु483 ई० कुशीनगर, भारत
आयु80 वर्ष
गृहनगरलुंबिनी, नेपाल
धर्मबौद्ध धर्म
जातिक्षत्रिय 

आपको बता दें गौतम बुद्ध जी के जन्म से पहले उनकी माता जी को एक स्वपन दिखाई दिया था जिस में 6 सुनढ वाला हाथी उनके गर्भ में समा गया था.

इसकी चर्चा उनके पिता श्री ने पंडितों के साथ कि उन्होंने बताया कि आपका बेटा बहुत ही दिव्या होगा साथ ही वह धर्म प्रचारक और एक महान योगी के रूप में सामने आएगा.

गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व लुंबिनी वन नेपाल में हुआ उनके पिता का नाम शुद्धोधन और माता का नाम माया देवी था.

गौतम बुद्ध जी ने कम समय ही में सभी सिक्ष्या गरण कर ली थी लिकिन शरू से ही उन्हें पाने जीवन में कुछ अधुरा पन लगता था वो चाहते थे की में कुछ एसा करू जिस से वो दुनिया भर के दुखो का निवारण कर सके.

उनके यवा होने पर उनके पिता जी ने कहा की तुमे अब सादी करनी चाइये लेकिन गौतम बुद्ध जी ने कहा मेरा सादी करने में कोई भी रूचि नहीं है.

और कहा मेरा लक्ष्य कुछ और है में संसार को दुखो से दूर करना चाहता हु शुद्धोधन जी ने कहा की तुमे प्रजा और राज्य की सन्ति के लिए सादी करनी होगी.

तो इसी के चलते गौतम बुद्ध ने राजकुमारी यशोधरा से सादी की उन्हें एक बेटा हुआ जिस का नाम राहुल रखा.

गौतम बुद्ध ज्ञान प्राप्ति और तपस्या

पूर्णिमा की रात को गौतम बुद्ध जी कपिल वस्तु का राजपाट छोड़ कर निकल गये और राजसी वस्त्रो को छोड़ कर सदक वाले वस्त्र धारण किये.

गौतम बुद्ध जी के साथ कुछ और पंडित भी मिल गए और ज्ञान प्रप्ति के लिए बुखे रह कर तपस्या करने लगे एक टाइम के बाद गौतम बुद्ध का शरीर बुखा रहने के बाद कमजोर हो गया.

उन्होंने फिर निर्णय लिए की ज्ञान प्रप्ति के लिए शरीर का स्वस्थ रहना भी जरूरी है इसी लिए वो फिर से खाना खाना शरू कर दिया और बोद्ध व्रक्ष के निचे ध्यान करने लगे और कुछ टाइम बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हो गई.

फिर गौतम बुद्ध जी ने जगह जगह जाकर अपने उदेश दिए और लोगो के दुखो का निवारण किया.

गौतम बुद्ध के उदेश

आप जैसा सोचते हो आप वेसा ही बन जाते हो इसी लिए अच्छा सोचो जिस से आप अच्छा बन सको.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

सूरज, चंद्रमा और सत्य कभी नहीं छिप सकती.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

सबसे बड़ा कर्तव्य हमारा शरीर को स्वस्थ रखना है.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

आपके क्रोध करने से आपको ही दंड मिलता है.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

हजार शब्दों से कही अच्छा एक वो शब्द है जो मन को शन्ति दे.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

कभी बड़ा चड़ा कर बात न करे.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

चाहे कितनी भी अछि किताब पढ़ ले आपका भला उन्हें अपनाने से ही होगा.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

नफरत प्रेम से खत्म होती है ना की नफरत से.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

मोक्ष पाने के लिए खुद से प्रयास करे.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

बूंद बूंद से ही घड़ा भरता है.

गौतम बुद्ध | Lord Gautam Buddha

निष्कर्ष

अगर आप जीवन में दुखो से दूर होना चाहते है तो आप गौतम बुद्ध के इन विचारो को अपना ले और आप दुखो से दूर हो जाव गे.

आशा करते है आपको ये (गौतम बुद्ध जीवनी | Gautama Buddha Biography in Hindi) पसंद आई है इसी ही biography पढने के लिए हमारे साथ बने रहिये गा हम आपके लिए इसी ही जीवनी लाते रहते है और निचे कमेंट कर के बताये आपको ये biography कैसी लगी और दोस्तों के साथ भी शेयर करे धन्यवाद.

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